(तौकीर आलम पत्रकार)दरगाह साबिर पाक, पिरान कलियर में हर वर्ष विभिन्न ठेकों की नीलामी निर्धारित नियम एवं शर्तों के तहत की जाती है। लेकिन क्षेत्र में लंबे समय से यह आरोप लगते रहे हैं कि कई ठेकेदार समय पर बकाया धनराशि जमा नहीं करते, इसके बावजूद उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। इसे लेकर दरगाह प्रशासन की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दरगाह के कई ठेकेदारों पर करोड़ों रुपये की बकाया राशि होने के बावजूद वसूली की प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ रही है। लोगों का आरोप है कि यही कारण है कि कुछ ठेकेदार लगातार अलग-अलग नामों से ठेके लेने में सफल हो जाते हैं और बकाया राशि का भुगतान टलता रहता है।
क्षेत्र में चर्चा है कि कुछ ठेकेदार अपने परिजनों, रिश्तेदारों अथवा अन्य लोगों के नाम से भी ठेकों में भागीदारी करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और सभी बकायेदारों का रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए, तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
इसके अलावा कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि फूल, चादर और अन्य पूजा सामग्री के ठेकों में भी अनियमितताएं होती हैं। उनका दावा है कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए फूलों को दोबारा एकत्र कर पुनः बेचने जैसी शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो यह न केवल श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला है, बल्कि दरगाह की आय और व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। लोगों ने मांग की है कि सभी बकायेदार ठेकेदारों की सूची सार्वजनिक की जाए, बकाया राशि की पारदर्शी तरीके से वसूली की जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ, वेब डेवलपर और जनवाणी एक्सप्रेस के मुख्य संपादक। पिछले कई वर्षों से उत्तराखंड और राष्ट्रीय स्तर पर निष्पक्ष पत्रकारिता और डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
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