(तौकीर आलम पत्रकार)पिरान कलियर। जमीयत उलेमा-ए-हिंद उत्तराखंड की प्रदेश कार्यकारिणी का अधिवेशन मंगलवार को शमीम साबरी कॉलोनी स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित किया गया। अधिवेशन में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हजरत मौलाना सैयद अरशद मदनी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए उलेमा, मदरसा प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने सहभागिता कर संगठन की भावी योजनाओं तथा सामाजिक सरोकारों पर विचार-विमर्श किया।

अधिवेशन में शिक्षा, समाज सुधार, पर्यावरण संरक्षण, वक्फ संपत्तियों, मदरसों एवं मस्जिदों के संरक्षण सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। साथ ही एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के संबंध में जनजागरूकता अभियान चलाने तथा प्रदेश कार्यालय कलियर में एक कोचिंग सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया गया। यह कोचिंग सेंटर आगामी 10 जुलाई से संचालित किया जाएगा।

अपने संबोधन में मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति और विकास की आधारशिला है। उन्होंने युवाओं से आधुनिक शिक्षा के साथ नैतिक एवं धार्मिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि सामाजिक चुनौतियों का सामना शिक्षा, जागरूकता और आपसी एकता के बल पर ही किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में उलेमाओं और मुसलमानों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है तथा जमीयत उलेमा-ए-हिंद हमेशा से देश में आपसी सौहार्द, भाईचारा और मानवता के मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करती रही है। मौलाना मदनी ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का विकास नफरत से नहीं, बल्कि प्रेम, सद्भाव और एकता से संभव है। उन्होंने सभी धर्मों के लोगों के साथ सम्मान और प्रेम का व्यवहार करने तथा जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आने की अपील की।

बैठक में प्रदेशभर में शिक्षा जागरूकता अभियान चलाने, नशामुक्ति और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जनजागरण कार्यक्रमों को तेज करने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यापक पौधारोपण अभियान संचालित करने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा मदरसों से जुड़े विभिन्न मुद्दों, अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के अधिकारों तथा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) से संबंधित न्यायालयों में चल रही कानूनी प्रक्रियाओं पर भी चर्चा की गई।
अधिवेशन का विशेष आकर्षण आलिमियत की शिक्षा पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान समारोह रहा। इस अवसर पर 70 मेधावी छात्रों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में संगठन द्वारा शिक्षा, राहत कार्य, समाज सुधार, कानूनी सहायता और सामाजिक सद्भाव के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा भी की गई।
कार्यक्रम के दौरान जमीयत उलेमा-ए-हिंद उत्तराखंड के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं देहरादून के शहर काजी मौलाना मोहम्मद अहमद कासमी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अधिवेशन का समापन प्रदेश और देश में अमन, शांति, तरक्की तथा मानवता की भलाई के लिए विशेष दुआ के साथ हुआ।
इस अवसर पर कलियर विधायक हाजी फुरकान अहमद, लक्सर विधायक मोहम्मद शहजाद, प्रदेश अध्यक्ष मौलाना हुसैन अहमद कासमी, प्रदेश महासचिव मौलाना शराफत अली कासमी, मौलाना कमरुज्जमा, मौलाना अब्दुल वाहिद, मौलाना अब्दुल मन्नान कासमी, मौलाना जियाउर्रहमान, मुफ्ती तौफीक इलाही, मुफ्ती ताजीम, मौलाना हारून, मुफ्ती इकराम, मौलाना मजहर अनवर, सलीम अहमद, राव आफाक अली सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ, वेब डेवलपर और जनवाणी एक्सप्रेस के मुख्य संपादक। पिछले कई वर्षों से उत्तराखंड और राष्ट्रीय स्तर पर निष्पक्ष पत्रकारिता और डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
पूरा प्रोफाइल देखें →