(तौकीर आलम पत्रकार)पिरान कलियर (हरिद्वार)। उत्तराखंड के पिरान कलियर स्थित विश्व प्रसिद्ध दरगाह हजरत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक में गुरुवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद हालात बेहद खराब हो गए। लगातार बारिश के चलते दरगाह परिसर और उसके आसपास के बाजारों में घुटनों तक पानी भर गया, जिससे स्थानीय लोगों, दुकानदारों और दूर-दराज से जियारत के लिए पहुंचे हजारों अकीदतमंदों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बारिश के कारण दरगाह परिसर के कई हिस्से जलमग्न हो गए। मुख्य मार्गों पर पानी भर जाने से जायरीन पानी के बीच होकर दरगाह तक पहुंचने को मजबूर रहे। वहीं कई दुकानों में भी पानी घुस गया, जिससे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा।
प्रबंधन के दावों पर उठे सवाल
जलभराव की स्थिति ने दरगाह प्रबंधन की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। समय रहते नालों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जाती तो इतनी गंभीर स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
जलभराव का कारण बनी बंद पड़ी जल निकासी
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दरगाह के आसपास बने मुख्य नालों की लंबे समय से सफाई नहीं कराई गई है। इसके अलावा कई स्थानों पर नालों पर हुए अवैध अतिक्रमण के कारण बारिश का पानी निकलने का रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। परिणामस्वरूप पूरा परिसर और आसपास का बाजार जलमग्न हो गया।
स्थानीय लोगों का बयान
स्थानीय निवासी नौशाद अली ने कहा, "हर साल बारिश में यही हाल होता है। कई बार प्रशासन और दरगाह प्रबंधन को नालों की सफाई और अतिक्रमण हटाने की मांग की गई, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। इसका खामियाजा स्थानीय लोगों और जायरीनों को भुगतना पड़ रहा है।"
एक अन्य स्थानीय दुकानदार मोहम्मद सलीम ने कहा, "दुकानों में पानी घुसने से व्यापार प्रभावित हुआ है। यदि समय पर नालों की सफाई हो जाती तो यह स्थिति नहीं बनती।"
बाहर से आए श्रद्धालुओं का बयान
सहारनपुर से जियारत के लिए आए शाहिद अहमद ने कहा, "हम बड़ी उम्मीद और अकीदत के साथ दरगाह आए थे, लेकिन पूरे परिसर में पानी भरा होने से काफी परेशानी हुई। इतनी बड़ी दरगाह में बेहतर जल निकासी की व्यवस्था होनी चाहिए।"
मेरठ से आई श्रद्धालु शबाना परवीन ने कहा, "बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को पानी के बीच होकर गुजरना पड़ा। प्रशासन और दरगाह प्रबंधन को इस समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए ताकि भविष्य में जायरीनों को ऐसी कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।"
समाधान की मांग
स्थानीय लोगों, व्यापारियों और जायरीनों ने प्रशासन एवं दरगाह प्रबंधन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से सभी नालों की सफाई कराई जाए, अवैध अतिक्रमण हटाया जाए तथा जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान दरगाह परिसर में जलभराव की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।
डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ, वेब डेवलपर और जनवाणी एक्सप्रेस के मुख्य संपादक। पिछले कई वर्षों से उत्तराखंड और राष्ट्रीय स्तर पर निष्पक्ष पत्रकारिता और डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
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