(तौकीर आलम पत्रकार)पिरान कलियर। हज-2027 के लिए चयनित उत्तराखंड के हज आवेदकों के लिए राहत भरी खबर है। हज की पहली किस्त जमा करने की अंतिम तिथि अब 10 अगस्त से बढ़ाकर 17 अगस्त 2026 कर दी गई है। चयनित हज आवेदकों को अब 17 अगस्त तक ₹1,52,300 की प्रथम किस्त जमा करनी होगी। उत्तराखंड राज्य हज समिति के अधिशासी अधिकारी मोहम्मद आरिफ की ओर से इस संबंध में प्रेस नोट जारी कर जानकारी दी गई है।
जारी प्रेस नोट के मुताबिक हज वर्ष 2027 की प्रथम किस्त की धनराशि जमा कराने की अंतिम तिथि पूर्व में 10 अगस्त 2026 निर्धारित की गई थी। सेंट्रल हज कमेटी, मुंबई की ओर से जारी सर्कुलर संख्या-05 दिनांक 10 अगस्त 2026 के माध्यम से प्रथम किस्त जमा करने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 17 अगस्त 2026 किया गया है।

प्रत्येक आवेदक को जमा करनी होगी ₹1,52,300 की राशि

उत्तराखंड राज्य हज समिति के अनुसार, हज-2027 के लिए चयनित प्रत्येक हज आवेदक को प्रथम किस्त के रूप में ₹1,52,300 (एक लाख बावन हजार तीन सौ रुपये) जमा करने होंगे। यह राशि 17 अगस्त 2026 तक जमा की जा सकेगी।

आवेदक हज कमेटी ऑफ इंडिया, मुंबई के बैंक खाते में भारतीय स्टेट बैंक अथवा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखा के माध्यम से वेबसाइट से प्राप्त पे-इन-स्लिप के आधार पर राशि जमा कर सकते हैं। इसके साथ ही ऑनलाइन नेट बैंकिंग के माध्यम से भी भुगतान की सुविधा उपलब्ध है। प्रेस नोट में हज कमेटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट और सुविधा ऐप के जरिए ई-पेमेंट करने की जानकारी भी दी गई है।
समय पर किस्त जमा नहीं करने पर प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है
हज समिति ने चयनित आवेदकों से निर्धारित समय सीमा का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। समिति के मुताबिक प्रथम किस्त जमा करने के बाद यदि कोई आवेदक अपना हज चयन निरस्त करता है तो हज गाइडलाइन-2027 के बिंदु संख्या 39 में निर्धारित नियमों के अनुसार धनराशि में कटौती की जाएगी।
नियमों के अनुसार चयन निरस्त करने की तारीख के आधार पर कटौती की राशि अलग-अलग निर्धारित की गई है। 30 सितंबर 2026 तक ₹5,000, 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक ₹10,000, 16 से 31 अक्टूबर तक ₹15,000, 1 से 15 नवंबर तक ₹20,000, 16 से 30 नवंबर तक ₹25,000, 1 से 15 दिसंबर तक ₹30,000, 16 से 31 दिसंबर तक ₹35,000, 1 से 15 जनवरी 2027 तक ₹40,000 तथा 16 से 31 जनवरी 2027 तक ₹50,000 की कटौती का प्रावधान है।
31 जनवरी के बाद वापस नहीं होगी धनराशि
प्रेस नोट में स्पष्ट किया गया है कि 31 जनवरी 2027 के बाद किसी भी प्रकार की धनराशि वापस नहीं की जाएगी। वहीं हज आवेदक की मृत्यु, इद्दत, गंभीर चिकित्सा आपात स्थिति और गर्भावस्था आदि विशेष परिस्थितियों में हज गाइडलाइन-2027 के बिंदु 39(ख) के अनुसार धनराशि की कटौती की जाएगी।
उत्तराखंड राज्य हज समिति ने हज-2027 के लिए चयनित सभी आवेदकों से अपील की है कि वे 17 अगस्त की अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय पर प्रथम किस्त जमा करें, ताकि हज यात्रा से संबंधित आगामी प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ, वेब डेवलपर और जनवाणी एक्सप्रेस के मुख्य संपादक। पिछले कई वर्षों से उत्तराखंड और राष्ट्रीय स्तर पर निष्पक्ष पत्रकारिता और डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
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